Tuesday, April 17, 2012

राजपूतों की वंशावली


"दस रवि से दस चन्द्र से बारह ऋषिज प्रमाण,

चार हुतासन सों भये कुल छत्तिस वंश प्रमाण

भौमवंश से धाकरे टांक नाग उनमान

चौहानी चौबीस बंटि कुल बासठ वंश प्रमाण."

अर्थ:-दस सूर्य वंशीय क्षत्रिय दस चन्द्र वंशीय,बारह ऋषि वंशी एवं चार अग्नि वंशीय कुल छत्तिस क्षत्रिय वंशों का प्रमाण है,बाद में भौमवंश नागवंश क्षत्रियों को सामने करने के बाद जब चौहान वंश चौबीस अलग अलग वंशों में जाने लगा तब क्षत्रियों के बासठ अंशों का पमाण मिलता है।

सूर्य वंश की दस शाखायें:-

१. कछवाह२. राठौड ३. बडगूजर४. सिकरवार५. सिसोदिया ६.गहलोत ७.गौर ८.गहलबार ९.रेकबार १०.जुनने

चन्द्र वंश की दस शाखायें:-

१.जादौन२.भाटी३.तोमर४.चन्देल५.छोंकर६.होंड७.पुण्डीर८.कटैरिया९.स्वांगवंश १०.वैस

अग्निवंश की चार शाखायें:-

१.चौहान२.सोलंकी३.परिहार ४.पमार.

ऋषिवंश की बारह शाखायें:-

१.सेंगर२.दीक्षित३.दायमा४.गौतम५.अनवार (राजा जनक के वंशज)६.विसेन७.करछुल८.हय९.अबकू तबकू १०.कठोक्स ११.द्लेला १२.बुन्देला

चौहान वंश की चौबीस शाखायें:-

१.हाडा २.खींची ३.सोनीगारा ४.पाविया ५.पुरबिया ६.संचौरा ७.मेलवाल८.भदौरिया ९.निर्वाण १०.मलानी ११.धुरा १२.मडरेवा १३.सनीखेची १४.वारेछा १५.पसेरिया १६.बालेछा १७.रूसिया १८.चांदा१९.निकूम २०.भावर २१.छछेरिया २२.उजवानिया २३.देवडा २४.बनकर.

क्षत्रिय जातियो की सूची

क्रमांकनामगोत्रवंशस्थान और जिला
१.सूर्यवंशीभारद्वाजसूर्यबुलन्दशहर आगरा मेरठ अलीगढ
२.गहलोतबैजवापेणसूर्यमथुरा कानपुर और पूर्वी जिले
३.सिसोदियाबैजवापेडसूर्यमहाराणा उदयपुर स्टेट
४.कछवाहामानवसूर्यमहाराजा जयपुर और ग्वालियर राज्य
५.राठोडकश्यपसूर्यजोधपुर बीकानेर और पूर्व और मालवा
६.सोमवंशीअत्रयचन्दप्रतापगढ और जिला हरदोई
७.यदुवंशीअत्रयचन्दराजकरौली राजपूताने में
८.भाटीअत्रयजादौनमहारजा जैसलमेर राजपूताना
९.जाडेचाअत्रययदुवंशीमहाराजा कच्छ भुज
१०.जादवाअत्रयजादौनशाखा अवा. कोटला ऊमरगढ आगरा
११.तोमरव्याघ्रचन्दपाटन के राव तंवरघार जिला ग्वालियर
१२.कटियारव्याघ्रतोंवरधरमपुर का राज और हरदोई
१३.पालीवारव्याघ्रतोंवरगोरखपुर
१४.परिहारकौशल्यअग्निइतिहास में जानना चाहिये
१५.तखीकौशल्यपरिहारपंजाब कांगडा जालंधर जम्मू में
१६.पंवारवशिष्ठअग्निमालवा मेवाड धौलपुर पूर्व मे बलिया
१७.सोलंकीभारद्वाजअग्निराजपूताना मालवा सोरों जिला एटा
१८.चौहानवत्सअग्निराजपूताना पूर्व और सर्वत्र
१९.हाडावत्सचौहानकोटा बूंदी और हाडौती देश
२०.खींचीवत्सचौहानखींचीवाडा मालवा ग्वालियर
२१.भदौरियावत्सचौहाननौगंवां पारना आगरा इटावा गालियर
२२.देवडावत्सचौहानराजपूताना सिरोही राज
२३.शम्भरीवत्सचौहाननीमराणा रानी का रायपुर पंजाब
२४.बच्छगोत्रीवत्सचौहानप्रतापगढ सुल्तानपुर
२५.राजकुमारवत्सचौहानदियरा कुडवार फ़तेहपुर जिला
२६.पवैयावत्सचौहानग्वालियर
२७.गौर,गौडभारद्वाजसूर्यशिवगढ रायबरेली कानपुर लखनऊ
२८.वैसभारद्वाजचन्द्रउन्नाव रायबरेली मैनपुरी पूर्व में
२९.गेहरवारकश्यपसूर्यमाडा हरदोई उन्नाव बांदा पूर्व
३०.सेंगरगौतमब्रह्मक्षत्रियजगम्बनपुर भरेह इटावा जालौन
३१.कनपुरियाभारद्वाजब्रह्मक्षत्रियपूर्व में राजाअवध के जिलों में हैं
३२.बिसैनवत्सब्रह्मक्षत्रियगोरखपुर गोंडा प्रतापगढ में हैं
३३.निकुम्भवशिष्ठसूर्यगोरखपुर आजमगढ हरदोई जौनपुर
३४.सिरसेतभारद्वाजसूर्यगाजीपुर बस्ती गोरखपुर
३५.कटहरियावशिष्ठ्याभारद्वाज,सूर्यबरेली बंदायूं मुरादाबाद शहाजहांपुर
३६.वाच्छिलअत्रयवच्छिलचन्द्रमथुरा बुलन्दशहर शाहजहांपुर
३७.बढगूजरवशिष्ठसूर्यअनूपशहर एटा अलीगढ मैनपुरी मुरादाबाद हिसार गुडगांव जयपुर
३८.झालामरीच कश्यपचन्द्रधागधरा मेवाड झालावाड कोटा
३९.गौतमगौतमब्रह्मक्षत्रियराजा अर्गल फ़तेहपुर
४०.रैकवारभारद्वाजसूर्यबहरायच सीतापुर बाराबंकी
४१.करचुल हैहयकृष्णात्रेयचन्द्रबलिया फ़ैजाबाद अवध
४२.चन्देलचान्द्रायनचन्द्रवंशीगिद्धौर कानपुर फ़र्रुखाबाद बुन्देलखंड पंजाब गुजरात
४३.जनवारकौशल्यसोलंकी शाखाबलरामपुर अवध के जिलों में
४४.बहरेलियाभारद्वाजवैस की गोद सिसोदियारायबरेली बाराबंकी
४५.दीत्ततकश्यपसूर्यवंश की शाखाउन्नाव बस्ती प्रतापगढ जौनपुर रायबरेली बांदा
४६.सिलारशौनिकचन्द्रसूरत राजपूतानी
४७.सिकरवारभारद्वाजबढगूजरग्वालियर आगरा और उत्तरप्रदेश में
४८.सुरवारगर्गसूर्यकठियावाड में
४९.सुर्वैयावशिष्ठयदुवंशकाठियावाड
५०.मोरीब्रह्मगौतमसूर्यमथुरा आगरा धौलपुर
५१.टांक (तत्तक)शौनिकनागवंशमैनपुरी और पंजाब
५२.गुप्तगार्ग्यचन्द्रअब इस वंश का पता नही है
५३.कौशिककौशिकचन्द्रबलिया आजमगढ गोरखपुर
५४.भृगुवंशीभार्गवचन्द्रवनारस बलिया आजमगढ गोरखपुर
५५.गर्गवंशीगर्गब्रह्मक्षत्रियनृसिंहपुर सुल्तानपुर
५६.पडियारिया,देवल,सांकृतसामब्रह्मक्षत्रियराजपूताना
५७.ननवगकौशल्यचन्द्रजौनपुर जिला
५८.वनाफ़रपाराशर,कश्यपचन्द्रबुन्देलखन्ड बांदा वनारस
५९.जैसवारकश्यपयदुवंशीमिर्जापुर एटा मैनपुरी
६०.चौलवंशभारद्वाजसूर्यदक्षिण मद्रास तमिलनाडु कर्नाटक में
६१.निमवंशीकश्यपसूर्यसंयुक्त प्रांत
६२.वैनवंशीवैन्यसोमवंशीमिर्जापुर
६३.दाहिमागार्गेयब्रह्मक्षत्रियकाठियावाड राजपूताना
६४.पुण्डीरकपिलब्रह्मक्षत्रियपंजाब गुजरात रींवा यू.पी.
६५.तुलवाआत्रेयचन्द्रराजाविजयनगर
६६.कटोचकश्यपभूमिवंशराजानादौन कोटकांगडा
६७.चावडा,पंवार,चोहान,वर्तमान कुमावतवशिष्ठपंवार की शाखामलवा रतलाम उज्जैन गुजरात मेवाड
६८.अहवनवशिष्ठचावडा,कुमावतखेरी हरदोई सीतापुर बारांबंकी
६९.डौडियावशिष्ठपंवार शाखाबुलंदशहर मुरादाबाद बांदा मेवाड गल्वा पंजाब
७०.गोहिलबैजबापेणगहलोत शाखाकाठियावाड
७१.बुन्देलाकश्यपगहरवारशाखाबुन्देलखंड के रजवाडे
७२.काठीकश्यपगहरवारशाखाकाठियावाड झांसी बांदा
७३.जोहियापाराशरचन्द्रपंजाब देश मे
७४.गढावंशीकांवायनचन्द्रगढावाडी के लिंगपट्टम में
७५.मौखरीअत्रयचन्द्रप्राचीन राजवंश था
७६.लिच्छिवीकश्यपसूर्यप्राचीन राजवंश था
७७.बाकाटकविष्णुवर्धनसूर्यअब पता नहीं चलता है
७८.पालकश्यपसूर्ययह वंश सम्पूर्ण भारत में बिखर गया है
७९.सैनअत्रयब्रह्मक्षत्रिययह वंश भी भारत में बिखर गया है
८०.कदम्बमान्डग्यब्रह्मक्षत्रियदक्षिण महाराष्ट्र मे हैं
८१.पोलचभारद्वाजब्रह्मक्षत्रियदक्षिण में मराठा के पास में है
८२.बाणवंशकश्यपअसुरवंशश्री लंका और दक्षिण भारत में,कैन्या जावा में
८३.काकुतीयभारद्वाजचन्द्र,प्राचीन सूर्य थाअब पता नही मिलता है
८४.सुणग वंशभारद्वाजचन्द्र,पाचीन सूर्य था,अब पता नही मिलता है
८५.दहियाकश्यपराठौड शाखामारवाड में जोधपुर
८६.जेठवाकश्यपहनुमानवंशीराजधूमली काठियावाड
८७.मोहिलवत्सचौहान शाखामहाराष्ट्र मे है
८८.बल्लाभारद्वाजसूर्यकाठियावाड मे मिलते हैं
८९.डाबीवशिष्ठयदुवंशराजस्थान
९०.खरवडवशिष्ठयदुवंशमेवाड उदयपुर
९१.सुकेतभारद्वाजगौड की शाखापंजाब में पहाडी राजा
९२.पांड्यअत्रयचन्दअब इस वंश का पता नहीं
९३.पठानियापाराशरवनाफ़रशाखापठानकोट राजा पंजाब
९४.बमटेलाशांडल्यविसेन शाखाहरदोई फ़र्रुखाबाद
९५.बारहगैयावत्सचौहानगाजीपुर
९६.भैंसोलियावत्सचौहानभैंसोल गाग सुल्तानपुर
९७.चन्दोसियाभारद्वाजवैससुल्तानपुर
९८.चौपटखम्बकश्यपब्रह्मक्षत्रियजौनपुर
९९.धाकरेभारद्वाज(भृगु)ब्रह्मक्षत्रियआगरा मथुरा मैनपुरी इटावा हरदोई बुलन्दशहर
१००.धन्वस्तयमदाग्निब्रह्मक्षत्रियजौनपुर आजमगढ वनारस
१०१.धेकाहाकश्यपपंवार की शाखाभोजपुर शाहाबाद
१०२.दोबर(दोनवर)वत्स या कश्यपब्रह्मक्षत्रियगाजीपुर बलिया आजमगढ गोरखपुर
१०३.हरद्वारभार्गवचन्द्र शाखाआजमगढ
१०४.जायसकश्यपराठौड की शाखारायबरेली मथुरा
१०५.जरोलियाव्याघ्रपदचन्द्रबुलन्दशहर
१०६.जसावतमानव्यकछवाह शाखामथुरा आगरा
१०७.जोतियाना(भुटियाना)मानव्यकश्यप,कछवाह शाखामुजफ़्फ़रनगर मेरठ
१०८.घोडेवाहामानव्यकछवाह शाखालुधियाना होशियारपुर जालन्धर
१०९.कछनियाशान्डिल्यब्रह्मक्षत्रियअवध के जिलों में
११०.काकनभृगुब्रह्मक्षत्रियगाजीपुर आजमगढ
१११.कासिबकश्यपकछवाह शाखाशाहजहांपुर
११२.किनवारकश्यपसेंगर की शाखापूर्व बंगाल और बिहार में
११३.बरहियागौतमसेंगर की शाखापूर्व बंगाल और बिहार
११४.लौतमियाभारद्वाजबढगूजर शाखाबलिया गाजी पुर शाहाबाद
११५.मौनसमानव्यकछवाह शाखामिर्जापुर प्रयाग जौनपुर
११६.नगबकमानव्यकछवाह शाखाजौनपुर आजमगढ मिर्जापुर
११७.पलवारव्याघ्रसोमवंशी शाखाआजमगढ फ़ैजाबाद गोरखपुर
११८.रायजादेपाराशरचन्द्र की शाखापूर्व अवध में
११९.सिंहेलकश्यपसूर्यआजमगढ परगना मोहम्दाबाद
१२०.तरकडकश्यपदीक्षित शाखाआगरा मथुरा
१२१.तिसहियाकौशल्यपरिहारइलाहाबाद परगना हंडिया
१२२.तिरोताकश्यपतंवर की शाखाआरा शाहाबाद भोजपुर
१२३.उदमतियावत्सब्रह्मक्षत्रियआजमगढ गोरखपुर
१२४.भालेवशिष्ठपंवारअलीगढ
१२५.भालेसुल्तानभारद्वाजवैस की शाखारायबरेली लखनऊ उन्नाव
१२६.जैवारव्याघ्रतंवर की शाखादतिया झांसी बुन्देलखंड
१२७.सरगैयांव्याघ्रसोमवंशहमीरपुर बुन्देलखण्ड
१२८.किसनातिलअत्रयतोमरशाखादतिया बुन्देलखंड
१२९.टडैयाभारद्वाजसोलंकीशाखाझांसी ललितपुर बुन्देलखंड
१३०.खागरअत्रययदुवंश शाखाजालौन हमीरपुर झांसी
१३१.पिपरियाभारद्वाजगौडों की शाखाबुन्देलखंड
१३२.सिरसवारअत्रयचन्द्र शाखाबुन्देलखंड
१३३.खींचरवत्सचौहान शाखाफ़तेहपुर में असौंथड राज्य
१३४.खातीकश्यपदीक्षित शाखाबुन्देलखंड,राजस्थान में कम संख्या होने के कारण इन्हे बढई गिना जाने लगा
१३५.आहडियाबैजवापेणगहलोतआजमगढ
१३६.उदावतबैजवापेणगहलोतआजमगढ
१३७.उजैनेवशिष्ठपंवारआरा डुमरिया
१३८.अमेठियाभारद्वाजगौडअमेठी लखनऊ सीतापुर
१३९.दुर्गवंशीकश्यपदीक्षितराजा जौनपुर राजाबाजार
१४०.बिलखरियाकश्यपदीक्षितप्रतापगढ उमरी राजा
१४१.डोमराकश्यपसूर्यकश्मीर राज्य और बलिया
१४२.निर्वाणवत्सचौहानराजपूताना (राजस्थान)
१४३.जाटूव्याघ्रतोमरराजस्थान,हिसार पंजाब
१४४.नरौनीमानव्यकछवाहाबलिया आरा
१४५.भनवगभारद्वाजकनपुरियाजौनपुर
१४६.गिदवरियावशिष्ठपंवारबिहार मुंगेर भागलपुर
१४७.रक्षेलकश्यपसूर्यरीवा राज्य में बघेलखंड
१४८.कटारियाभारद्वाजसोलंकीझांसी मालवा बुन्देलखंड
१४९.रजवारवत्सचौहानपूर्व मे बुन्देलखंड
१५०.द्वारव्याघ्रतोमरजालौन झांसी हमीरपुर
१५१.इन्दौरियाव्याघ्रतोमरआगरा मथुरा बुलन्दशहर
१५२.छोकरअत्रययदुवंशअलीगढ मथुरा बुलन्दशहर
१५३.जांगडावत्सचौहानबुलन्दशहर पूर्व में झांसी


source:kalgati.wikidot.com

18 comments:

Nageshwar Singh Baghel said...

आपकी यह वंशावली अधूरी है अभी ..

Hemraj Thakur said...

जिस प्रकार अग्नि वंश के चौहान वंश की 24 अलग शाखाएं उसी प्रकार उसी प्रकार अग्निवंश के परमार वंश की 36 अलग गोत्र है सोढा परमार, हरोड परमार ,मकवाना, टॉक, झोरड़, झाला, उदाना, लूवाणा भाटी आदि जो कि सिंध से 700 गाड़ियां लेकर चित्तौड़ और वहां से मांडव पर उसके बाद 330 सौ गाड़ियां का ठिकाना गुजरात और 330 सौ गाड़ियों का ठिकाना मध्यप्रदेश के मालवा क्षेत्र में स्थित है जो कि अब सैंधव के नाम से जाने जाते हैं. जिसमें कई गांव को 12 12 गांव की जागीरी प्राप्त है. इसके बारे में अधिक बताएं.

Unknown said...

Jesa bhati ke nakh batavo

Rajesh Singh said...

My father told me that we r mainpuri chauhan and we belong to karambar village of ballia district of U.P can u tell me something about chauhan rajput of ballia how they move from mainpuri to ballia

Hathway Broadband Services said...

Thanks for sharing this information. I really like this post.
top broadband services in hyderabad

Unknown said...

Good

toran thakur said...

वार्ता योगदान उपलोड्स
राजपूत बेल्दार क्षत्रिय समाज छत्तीसगढ़ के रायपुर और बिलासपुर जिला के कुछ गाओं में निवास करते है सिरपुर स्थित सामाजिक राम मंदिर प्रधान कार्यालय है इस मंदिर से जुड़े हुए सामाजिक लोग ही इस समाज से ताल्लुक रखते है सामाजिक संख्या की दृष्टि से संख्या कम है पूर्वजों के द्वारा बताया गया है कि कुछ सैन्य टुकड़ी के रूप में आना हुआ था राजपूत बेल्दार क्षत्रियके बारे में न तो शासन प्रशासन को है और ना ही अन्य राजपूत समाज को को जानकारी है इस लिये यहाँ बताना जरुरी है (( बेल्दार लिखने का मतलब उन बेल्दारों से नही है जो पत्थर से सील लोढा और गधा पालने का काम करते है)) राजपूत बेल्दार क्षत्रिय समाज के लोगो का मुख्य व्यवसाय कृषि और गऊ माता पालते है जिन गाओं में निवास है सम्मान से देखा जाता है, इस समाज के पूर्वजों को 5 गांव मालगुजारी मिला था जिसमे एक गाँव बेल्दार सिवनी के नाम से है इस समाज के लोग प्रभु श्री राम को मानते है ढाल तलवार की पूजा करते है दूल्हा देव, महामाया माता इष्ट देव है ,दशहरा त्योहार पर रखिया फल में आकृति बनाकर इसकी पूजा करते है शादी ब्याह की रस्मे राजपूतो में अपनाई जाने वाली रस्मे है दहेज प्रथा पर प्रतिबंध है गोत्र कौशिक हाशूल आदि है महोदय जी राजपूत क्षत्रिय की सूची में राजपूत बेल्दार क्षत्रिय को भी जोड़ने का निवेदनहै हैकुछऔर जानकारी के लिए संपर्क करे और किशी को इस विषय मे कुछ जानकारी हो तो जरूर शेयर करेtoranthakur007@gmail.com whatsup no 9826165432

Adarsh Singh said...

Apki jankari adhuri hai bais kshatriya suryavansh me aate hai or kanhvanshi yani kanhpuriya kshatriya chandravans me ye arjun k vansaj hai inke naam pr up ka sabse bda sahar kanpur hai inke raja kanhdev jo bhot pratapi the unke naam pr kanpur hai or inke vansaj aaj kanhpuriya bulay jate hai jo hastina pur ke patan se jhunshi aaye or waha se kanpur samet 17 riyasat jiti or wahi bas gye ye chandravans ki shakha hai kripya adhik jankari k liye raja kanhdev univercity sultanpur daal kr search krey or click krkr last me jakar pdf file download krkr dekh le jankari puri ushi me hai dhanyawad

Unknown said...

आदरणीय आपकी इस प्रस्तुति में क्षत्रिय समाज की आधी अधूरी जानकारी दर्शाई गई है । इसमें रघुवंशी क्षत्रिय का कही पर उल्लेख नहीं किया गया है क्यों ?

Unknown said...

Sir balotiya (bais) jo rajsthan m balotiya lagte h surya vanse ki shakha gotra bhardwaj ko add nhi kiya h or iski jankari bhi adhuri h plss add

Unknown said...

nice

Unknown said...

Hindu rawal rajput kis banas mei arth hai.

Unknown said...

Vanshavali adhuri h abhi bhut se gotra add NH kiye h please add kro tki bki bhai log samaj k jod ske ram ram sbhi rajput bhaiyo ko 🙏🙏🙏

Unknown said...

किस व्यक्ति ने इसे अपने मनोउपरांत लिखी है कृप्या सही करे क्योंकि
इसमें बघेलखण्ड एमपी रीवा का जिक्र नही है जोकि राजन की रियासत थी वहां के लोग बघेल क्षत्रिय है और कहे जाते है

ये कथन पूर्ण नही है

Jujhar singh said...

Purbiya vansh ki sampurn jankari bheje tikhana sahit

□कुँवर हरीसिहँ शिशोदिया- शिशोदा,मेवाड़(अखंड राजपुताना) की टिम said...



□कुँवर हरीसिहँ शिशोदिया- शिशोदा,मेवाड़(अखंड राजपुताना) की टिम4 JUNE 2019 AT 10:30

जी हुकूम 
सही कहा और लिखा है आपने एवं टीम द्वारा महानुभाव
आपका आभार और अभिनन्दन हुकूम 


किन्तु सिसोदिया शब्द नही होकर वह "शिशोदिया" है जो "शिश+दिया" अर्थात 'शिश/सर/मस्तक' का दान दिया,त्याग कर दिया,न्योछावर कर दिया इसीलिए ऐसा करने वाले स्वाभिमानी सूर्यवंशी गहलोत रजपुत क्षत्रिय वंशजों को शिशोदिया कहा जाता है और इनकी बहुलता पर इनके प्रथमांक राज्य को "शिशोदा" कहा गया है!!(राजधानी कुम्भलगढ/केलवाडा)

हुकुम सिंगेलिया गोत्र के बारे में गूगल पर जानकारी दी जाए ताकि यह गोत्र विलुप्त होने से बच सके इस गोत्र के लोगों की संख्या अब गिने चुने ही रह गई है अगर इस गोत्र के बारे में किसी को भी कोई जानकारी लेनी है ठाकुर बीएस चौहान द्वारा लिखित एक पुस्तक है जिसका नाम है एक हकीकत उससे प्राप्त कर सकते हैं जय मां भवानी जय जय राजपूताना
Reply



□कुँवर हरीसिहँ शिशोदिया- शिशोदा,मेवाड़(अखंड राजपुताना) की टिम4 JUNE 2019 AT 09:59

माननीय और सम्माननीय महोदय हुकूम 
आपके द्वारा प्रेषित कि गयी उपर लिखीत जानकारी हेतु आपका व आपकी संकलन प्रकाशन एडिटिंग प्रिंटिंग टीम का बहुत-बहुत आभार और अभिनन्दन है !!
अब इसमें मुख्य कथन सिसोदिया शब्द के बारे मे यह है कि हुकूम -'सिसोदिया'- 
कोई "शब्द/गौत्र/प्रवर/कुल या वंश" कभी नही था ,
वास्तविक इतिहास का यथासम्भव घटनाक्रम कालखंड के आधार पर संकलन करेंगे तो यह मूलरूप में -"शिशोदिया"- है जो "शिशोदा"(शिशोदा राजवंश राजधानी कुंभलगढ/केलवाड़ा) वर्तमान समय में एक आदर्श ग्राम है के निवासी होने से प्रचालन में है और इस 'वृहद/शक्तिशाली/गौरवमयी' ऐतिहासिक राज्य के अभ्युदय से लेकर युगों-युगों तक इसकी -"एकता-अखंडता-मज़बूती-प्रगाढ़ता"- बनाये रखने हेतु गहलोत क्षत्रिय रजपुत राजवंश के द्वारा समस्त टीम साथी सहयोगियों सहीत अपने पुरोधा/संस्थापक/आदिपुरूष/सूर्यवंशी कुलश्रेष्ठ महान कालजयी शासक/प्रशासक -"बप्पा"- बाप्पा रावल (राजा शिलादित्य-शिलवाहक के पौत्र एवं गुहादित्य के पुत्र) के समय से लेकर देशी राज्यों के समग्र -'अखंड-राजपुताना'- में विलय एवम् इसके पश्चात भी मेवाड़ टिम के रुप में अखंड राजपुताना ,अखंड भारत वर्ष हेतू 'बारम्बार-हर-बार'अपने -'शिश'- अर्थात 'सर/मस्तक' कटवाया,दान दिया,त्याग दिया,न्योछावर कर दिया,प्राणो का बलिदान दिया इसीलिए -"शिश+दिया"-शब्द बना और शिश देने वाले -"शिशोदिया"- कहलाये गये जो आज बहुतायत में हैं हुकूम!!

अब हमारा अनुरोध है कि कृपया भाषायी/शाब्दिक भूल सुधार करके सत्य/शुद्ध/प्रासंगिक शब्द का लेखन,अंकन,प्रकाशन करते हुए पुनः नये सिरे से इतिहास में सिसोदिया शब्द के स्थान पर "शिशोदिया" लिखा जावें!!(प्रमाण हेतु शिशोदिया "कुल/गौत्र/वंश" के माननीय -"रावजी/भाटजी/बढवाजी/चारणजी"- कि लिखित पोथीयां,पांडुलिपियां,तथा संबंधित कालखंड की प्रचलित लोकोक्तियां,लोकगीत,लोकनृत्य,केहणावट,लोक-कथाओं के 'संयुक्त व सर्वमान्य सामुहिक सार-सारांश' का उप्लब्धता के आधार पर निरीक्षण किया जा सकता है!)
✍आपका 
□कुँवर हरीसिहँ शिशोदिया-
शिशोदा,मेवाड़(अखंड राजपुताना)
लेखक,समीक्षक,विश्लेषक 
सम्पर्क- 9680377030
वाट्सप- 9680759268
-'राष्ट्रीय महासचिव'-
अखिल भारतीय क्षत्रिय सेना 
पंजीकृत राष्ट्रीय क्षत्रिय एवम् सामाजिक संघठन 
-'अखंड भारतवर्ष'- हेतू सम्पूर्ण राष्ट्र में'संघठनात्मक रुप'से कार्यरत "राष्ट्रीय स्वयं सेवी सहायतार्थ संघठन" (नाॅन पोलिटिकल)
Reply



□कुँवर हरीसिहँ शिशोदिया- शिशोदा,मेवाड़(अखंड राजपुताना) की टिम4 JUNE 2019 AT 10:20

माननीय और सम्माननीय क्षत्रियत्व 'क्षत्रिय+तत्व'धारक एवं "क्षत्रियोचित गुण-कर्म से युक्त" स्वाभिमानी क्षत्रिय 'रज+पूत' महानुभाव,महोदय हुकूम 
सभी महानुभावों से हमारा विशेष अनुरोध है कि कृपया "राष्ट्र-धर्म व कर्म तथा समाज(जिव-जगत/प्राणीमात्र)की
रक्षार्थ,नि:स्वार्थ भाव से नोन पोलिटिकली" हमसे व पूर्णतया क्षत्रिय एवम् सामाजिक संघठन 
🚩अखिल भारतीय क्षत्रिय सेना🚩
से तन,मन,वचन,धन,कर्म से पुर्ण सक्रियता पुर्वक संघठनात्मक रुप से जुड़ने हेतु हमें सम्पर्क कीजियेगा महोदय हुकूम!!
जय मां भवानी 
जय श्री एकलिंगनाथाय नमः

Unknown said...

कृपा करके बताये कि
अग्नि वंश से 4 शाखाएं निकली
जिसमें 1हे चोहान
और चोहान में से 24 शाखाएं निकली जिसमें 1 है हाडा
तो कृपा करके बताये की हाड़ा वंश की कुलदेवी कोन है!ध धन्यवाद ‌🙏

HD Wallpapers said...

i want to more about sikarwar.

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